Red Ladyfinger: क्या आपने लाल भिंडी के बारे में सुना है…हरी भिंडी से भी होती है ज्यादा पौष्टिक, जानिए कहा मिलती है यह और क्या- क्या है इसके फायदे…

 

 

नई दिल्ली, Red Ladyfinger: बाजार में यूँ तो तरह-तरह से हरी सब्जिया (green vegetables) मिल जाती है, लेकिन आज हम यंहा हरी सब्जी नहीं बल्कि लाल सब्जी की बात कर रहे है, आपने कई प्रकार की सब्जी खाई होगी लेकिन क्या आपने कभी लाल भिंडी खाई है, जी है सही सुना आपने लाल भिंडी,  यह भी हरी सब्जियों के तरह की एक किस्‍म है, और  इसे काशी लालिमा भ‍िंडी (Kashi Lalima) के नाम से भी जाना जाता है. इस भ‍िंडी को कुछ साल पहले वाराणसी (Varanasi) के इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल (Indian Institute of Vegetable) ने विकसित किया था. इसे विकसित करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि सामान्‍य भिंडी के मुकाबले इसमें पोषक ज्‍यादा हैं, तो आइये हम आपको लाल भिंडी से जुडी कुछ जानकारियां देते है-

 

 

वैज्ञानिकों का मानना है कि, जिस तरह क्‍लोरोफ‍िल के कारण आम भ‍िंडी का रंग हरा होता है, उसी तरह एंथोसायनिन (Anthocyanin) नाम के पिगमेंट के कारण इस भिंडी का रंग लाल है. वैज्ञानिकों का दावा है कि लाल भ‍िंडी (Red Lady Finger) हरी भिंडी के मुकाबले ज्‍यादा पौष्टिक है.

 

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इसे उगने करने वाले विशेषज्ञों का दावा किया  है कि काशी लालिमा भ‍िंडी में ज्‍यादा एंटीऑक्‍सीडेंट्स, कैल्शियम और आयरन पाया जाता है. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की माने तो,  इसे तैयार करने में वैज्ञानिकों को लगभग 23 साल लगे हैं. वैज्ञानिकों ने लाल भिंडी को उगाने की कोशिश 1995-96 से की थी.

 

 

इसमें हरी भिंडी के मुकाबले ज्‍यादा पोषक तत्‍व हैं. इसकी कीमत 100 से 500 रुपये किलो के बीच है. अब इसके बीज भी उपलब्‍ध होने के कारण इसे दूसरे राज्‍यों में भी उगाया जा रहा है. उत्‍तर प्रदेश के अलावा मध्‍य प्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र, छत्‍तीसगढ़ में लाल भिंडी की खेती की जा रही है.

 

 

वैज्ञानिकों का कहना है, लाल भि‍ंडी की खेती भी उसी तरह की जाती है जिस तरह हरी भिंडी की. देश के कई राज्‍यों के किसान लाल भ‍िंडी को उगा रहे हैं और उसे 100 से 500 रुपये के बीच बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं.

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