Raipur Nursery : बारिश से पहले नर्सरी में तैयार हो रहे यह दुर्लभ पौधे, जानिए कितने में मिलेंगे देसी और विदेशी पौधे

 

रायपुर। बारिश से शुरुआत होने से पहले शहर के नर्सरी में पर्यावरण में हरियाली लाने पौधे तैयार किया जाने लगा है। बारिश के मौसम के सर्वाधिक पौधों की बिक्री होती है। सामाजिक संस्था बड़ी संख्या में पौधारोपण करते हैं। इस वजह से मांग काफी बढ़ जाती है। शहर के दर्जन से अधिक नर्सरी में देश व विदेशी फूलाे और फल के पौधे हजारों की संख्या में तैयार किया जा रहा है। वीआईपी रोड़ स्थित नर्सरी संचालक मयंक कश्यप का कहना है, बरसात को लेकर घरों में गार्डनिंग व वृक्षारोपण करने के लिए अलग-अलग पौधे तैयार किए है।  गुलमोहर, शीशम, नीम, शहतूत जामुन, रात की रानी के पौधे 8 हजार से अधिक तैयार किए जा रहे हैं। कुछ पौधों के बीज दूसरे राज्यों से मंगाया है। इस बार 10 से 20 रुपए विदेशी पौधे महंगे मिल सकते है। बाकि देशी पौधे 50 से 100 के बीच इसकी कीमत रहेगी।

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गार्डनिंग करने के लिए बारिश का मौसम उपयुक्त होता है। ऐसे में लोगों ने अभी से घर में सब्जी लगाने के लिए पौधे लेना शुरू कर दिया है। मठपारा स्थित नर्सरी ने बताया, जुन अंतिम तक फल और फूलों के पौधे तैयार हो जाएंगे। गर्मी कम होने से काम अब शुरू हुआ है। उनका कहा है, अमरूद और बरगद के पेड़ बड़ी 5 से 6 हजार की संख्या में तैयार हो रहे हैं। जुलाई माह में फूलों के नए पौधे मिलेगे।उन्होंने बताया, गार्डनिंग के लिए करेला, भाटा, प्याज, टमाटर, मिर्च समेत अन्य पौधे तैयार हाे चुके है। इनकी कली 50 से 80 रुपये तक है।

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मानसुन  से पहले में पौधों और खाद की मांग बढ़ गई है। नर्सरी में मिट्टी की उर्वरा को बढ़ाने के लिए गोबर का खाद, वर्मी कंपोस्ट व जैविक खाद बनाया गया है। वर्तमान में पाैधों के साथ इसकी मांग बढ़ गई है। गार्डनिंग के शौकीन खाद अधिक खरीद रहे है। बारीश में खाद डालने से पौधों की उम्र बढ़ जाती है। नर्सरी में  बारिश के लिए गुलाब, सेवंती, गेंदा, जायसोन, पनसिटिया फूल तैयार किए जा रहे हैं। इन दिनों तेज गर्मी के बीच पौधे तैयार करना और उसकी संभाल कर पाना मुश्किल भरा काम है।वन विभाग की ओर से पौधशालाओं में विभिन्न योजनाओं के तहत फल, फूल व छायादार पौधे तैयार किए गए है। जहां पहली बारिश पड़ते ही पौधों का वितरण किया जाएगा।

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