RAILWAY : ट्रेन के रद्द होने से दो से तीन गुना किराया देकर प्लाइट और बस में सफर करने को यात्री मजबूर

Indian Railway Rule: Know what are the rules of chain pulling, do not make this mistake during travel...

 

रायपुर। रेलवे ने सफर के ठीक एक दिन पहले 34 ट्रेनों को रद्द कर हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी। शुक्रवार को यात्रियों के फोन में जैसे ही जानकारी मिल कि आपकी ट्रेन रद्द हो चुकी हैं। यात्री तुरंत पैसा रिफंड लेने और दूसरी ट्रेन की उपलब्धता जानने स्टेशन पहुंचे। सुबह से ही पूछताछ केंद्र ट्रेनों की जानकारी लेने यात्रियों की भीड़ लग चुकी। कई यात्रियों ने महीने भर पहले से सफर के लिए टिकट बुक करवा लिया था, अचानक रद्द होने से दिक्कत बढ़ गई। ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेन रद्द होने से छोटे शहर में जाने के लिए यात्रियों को एक भी ट्रेन नहीं मिली। मजबूरी में कई यात्रियों ने कनेक्टिंग फ्लाइट और बस के जरिए सफर करना पड़ा, जिसके लिए उन्हे दो से तीन गुना अधिक किराया देना पड़ा। इसी तरह जिन यात्रियों ने लंबी दूरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन में सफर किया उन्हे भी सीधी ट्रेन के मुकाबले दो गुना पैसा देना पड़ा। कंफर्म टिकट रद्द होने से यात्रियों को भीड़ धक्के खाते हुए जनरल डिब्बे में सफर करना पड़ा।

बीकानेर जाने दिल्ली से मिली फ्लाइट

ट्रेनों के रद्द होने से शुक्रवार को दूसरी ट्रेनों में यात्रियों को दबाव बढ़ गया। अधिक भीड़ होने से कई यात्रियों ने ट्रेन से जाना स्थगित कर बस और प्लाइट को ही अंतिम साधन बनाया, लेकिन यहां भी यात्रियों की समस्या कम नहीं हुई। बीकानेर, हटिया, रीवा, संतरागाछी, जयपुर, गुजरात के छोटे शहर में जाने के लिए ना सीधी बस मिली और ना ही प्लाइट। रायपुर से बीकानेर जाने के लिए ट्रेन में स्लीपर का 730 रुपए किराया है, लेकिन बस में यात्रियों को 950 और एसी के लिए 1210 रुपए देना पड़ा। उसमें भी यात्रियों को नागपुर से बस बदलना होगा। रायपुर से बीकानेर फ्लाइट नहीं होने से यात्रियों को दिल्ली से बीकानेर के लिए फ्लाइट लेनी पड़ी, जिसके लिए उन्हे 8 हजार रुपए किराया देना पड़ा।

झारखंड के लिए देना पड़ा दो गुना किराया

रेलवे ने हटिया एक्सप्रेस को रद्द कर झारखंड जाने वाले यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया। क्योंकि शुक्रवार को झारखंड रूट में कोई भी ट्रेन उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में कई यात्री झारसुगुड़ा से ट्रेन बदलनी पड़ी। कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने से भी यात्रियों को कराया पहले से बढ़ गया। सीधी ट्रेन में यात्रियों ने स्लीपर का 465 रुपए दिया था, लेकिन कनेक्टिंग ट्रेन होने से यात्रियों का किराया 650 तक पहुंच गया। वही बस में यह किराया 800 तक देने पड़ा। फ्लाइट के लिए 9 हजार रुपए देने पड़े। एक ट्रेन रद्द होने यात्रियों को अतिरिक्त किराए के साथ एक दिन का समय भी खराब हो गया।

नांदेड की बस रही फूल

ट्रेनों के रद्द होने से ज्यादातर यात्रियों ने बस में सफर किया। नांदेड-संतरागाछी एक्सप्रेस रद्द होने से हावड़ा और नांदेड जाने वाली बस फूल रही। यहां भी यात्रियों ने ट्रेन की तुलना में अधिक किराया दिया। स्लीपर में यात्रियों को नांदेड़ के लिए 290 देना होता वही बस में 600 रुपए में सफर करना पड़ा। इसी तरह संतरागाछी हावड़ा जाने के लिए ट्रेन में 550 देना होता है लेकिन बस में यात्रियों ने 800 रुपए दिए । शुक्रवार को महाराष्ट्र जाने वाली बस फूल रही। यात्रियों को नांदेड़ जाने के लिए नागपुर से बस फिर बदलना पड़ा।

समय के साथ बढ़ा किराया

ट्रेन प्रभावित होने से यात्रियों को दूसरे साधन में जाने के लिए ना केवल अधिक पैसा देना पड़ा बल्कि समय भी खराब हो गया। कई यात्री स्टेशन में दूसरी ट्रेन का इंतजार करते है। सीधी ट्रेन से यात्रियों को सफर जहां एक दिन में पूरा हो जाता, जो कनेक्टिंग हाेने से अब दो दिन भी लग सकता है। स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक यात्री सफर में जाने के लिए भटकते रही। आपातकालीन स्थित होने से जो सभी साधन मिला यात्रियों ने सफर किया। भोपाल, विशाखापट्नम,रीवा भुवनेश्वर एक्सप्रेस के रद्द होने से यात्रियों को बड़ी दिक्कत हुई।

 

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