संसद में इन शब्दों पर बैन, प्रियंका गांधी ने कहा- सरकार चाहती है कि भ्रष्टाचार को भ्रष्टाचार ना कहकर ‘मास्टरस्ट्रोक’ बोला जाए

लोकसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें उन शब्दों की सूची दी गई जिसे असंसदीय करार दिया गया है. अगर ये शब्द संसद में बोला गया तो उन्हें सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा. इस सर्कुलर के जारी होने के बाद कांग्रेस केंद्र पर हमलावर हो गई है.

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि जब वो भ्रष्टाचार करे, तो उसे भ्रष्ट नहीं, भ्रष्टाचार को ‘मास्टरस्ट्रोक’ बोला जाए. 2 करोड़ रोजगार, किसानों की आय दुगनी जैसे जुमले फेंके, तो उसे जुमलाजीवी नहीं ‘थैंक यू’ बोला जाए. संसद में देश के अन्नदाताओं के लिए आंदोलनजीवी शब्द किसने प्रयोग किया था?

हम इन शब्दों का इस्तेमाल करते रहेंगे- मल्लिकार्जुन

सर्कुलर के अनुसार, जुमलाजीवी, कोविड स्प्रेडर, करप्ट, ड्रामा, हिपोक्रेसी जैसे शब्दों को असंसदीय शब्दों की सूची में रखा गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मलिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा ने इन शब्दों का पहले इस्तेमाल किया है, तो हमको इस्तेमाल करने में क्या दिक्कत है? सरकार को लगता होगा इन शब्दों के इस्तेमाल होने से उनकी छवि को धक्का लगेगा. हम इन शब्दों का इस्तेमाल करते रहेंगे.

सचिवालय ने जारी किया सर्कुलर

दरअसल संसद के मानसून सत्र की शुरूआत होने से पहले लोकसभा सचिवालय ने ‘असंसदीय शब्द 2021’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों और वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है जिन्हें ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है.

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