Kedarnath Yatra: अगर जा रहे है केदारनाथ, तो भूलकर भी न करे यह गलती, वरना उठाना पड़ सकता है भारी नुक्सान…

नई दिल्ली: केदारनाथ मंदिर हिंदुओं के मुख्य तीर्थस्थानों में से एक है. यह मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित है. यह तो हमसब जानते ही है, यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ मंदिर में महादेव के दर्शन के लिए अलग-अलग राज्यों से जाते हैं.

यह मंदिर काफी ऊंचाई पर स्थित है इसलिए मौसम को देखते हुए मंदिर के कपाट अप्रैल से नवंबर के बीच ही खोले जाते हैं. इसके बाद भारी बर्फभारी के चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं.

इस बार 3 मई 2022 को केदारनाथ धाम के कपाट खोले दिए गए है. कोरोना महामारी के चलते पूरे दो साल के बाद केदारनाथ की यात्रा शुरू हुई तो भक्तों की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. लेकिन अगर इस बार आप भी केदारनाथ के यात्रा का प्लान बना रहे है तो इन बातो का जरूर ख्याल रखें।

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अगर आप केदारनाथ धाम यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है. आइए जानते हैं केदारनाथ यात्रा पर जाते समय आपको क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए.

केदारनाथ धाम जाने का प्लान कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा सर्दियों में और मॉनसून के मौसम में जाने से बचें. पहाड़ी क्षेत्रों में मॉनसून के दौरान बाढ़ या भूस्खलन का खतरा काफी ज्यादा होता है. ऐसे में इस दौरान यात्रा का प्लान ना बनाएं.

यात्रा पर जाते समय इस बात का ख्याल रखें कि अपने साथ सर्दियों के कपड़े जरूर लेकर जाएं भले ही आप गर्मियों के मौसम में जा रहे हों.

पहाड़ों में बारिश कभी भी हो सकती है, ऐसे में यात्रा पर जाते समय अपने पास छाता, रेनकोट जरूर रखें.

अपनी यात्रा की शुरुआत सुबह जल्दी करें ताकि दिन तक आप आराम से केदारनाथ धाम पहुंच सके. दर्शन के बाद यहां एक रात आराम करें और अगले दिन फिर सुबह गौरीकुंड के लिए वापसी की यात्रा शुरू करें.

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केदारनाथ यात्रा के दौरान 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कभी भी साथ ना लेकर जाएं. यहां मौसम का कुछ पता नहीं होता. इसके अलावा, यहां ऑक्सीजन लेवल भी काफी कम होता है जिससे बच्चों की तबीयत खराब होने का डर रहता है.

अगर आप केदारनाथ धाम तक बिना कष्ट के पहुंचना चाहते हैं तो आप डोली पर बैठकर जा सकते हैं जिसका किराया 8 से 10 हजार रुपए के बीच होता है.

वहीं कंडी के राउंड ट्रिप का किराया करीब 5 हजार रुपए है और खच्चर के राउंड ट्रिप का किराया 5 से 6 हजार रुपए है. अगर आप हेलीकॉप्टर से जाने की सोच रहे हैं तो इसका किराया करीब 7 हजार रुपए है.

बेहतर फोन नेटवर्क के लिए केदारनाथ यात्रा पर जाते समय बीएसएनएल, वोडाफोन और रिलायंस जियो की सिम लेकर जाएं.

अपना यात्रा कार्ड और आधार कार्ड ले जाना कभी ना भूलें.

केदारनाथ मंदिर की यात्रा रात में करने से बचें क्योंकि रात में जंगली जानवरों से खतरा हो सकता है.

केदारनाथ धाम की यात्रा के कुछ दिन पहले से ही सांस से जुड़ी एक्सरसाइज करें. इससे आपको वहां पर सांस लेने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी.

होटल की बुकिंग एडवांस में ही कर लें. पीक सीजन में रूम मिलने में काफी परेशानी होती है क्योंकि इस दौरान लोगों की भीड़ काफी ज्यादा होती है.

स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के डाटा के मुताबिक 3 मई को शुरू हुई चार धाम यात्रा में 20 लोगों की मौत हुई है. जिनमें से 10 श्रद्धालुओं की मौत यमुनोत्री जाते समय, 6 की केदारनाथ, 3 की गंगोत्री और 1 की बद्रीनाथ जाते समय हुई.

एक नॉर्मल व्यक्ति को गौरीकुंड से केदारनाथ धाम जाने में कुल 5-6 घंटे का समय लगता है तो जल्दबाजी के बजाय आराम से चलें. चलने के दौरान भगदड़ ना करें वरना आपको सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

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