INSIDE STORY : चुनाव हारने के बाद ऐसा बदला सिद्धू का जीवन, अब ड्रग्स केस के आरोपी साथ जेल में काट रहे सजा, पढ़िए खास खबर

पंजाब। हर व्यक्ति का समय बदलता है, चाहे अच्छा हो या बुरा। पंजाब में मुख्यमंत्री का सपना देखने वाले पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू जेल में अपने पुराने केस की सजा काट रहे है। आम जिंदगी और राजनीति में सिद्धू अपने शेरो शायरी के लिए जाने जाते है। आज उनके जीवन का कठिन समय चल रहा है। यह मुश्किल वक्त जेल जाने से शुरू नहीं हुआ इसकी शुरुवात पूर्व सीएम कैप्टन के कांग्रेस से इस्तीफा और सीएम पद छोड़ने के बाद से हुई है।

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सिद्धू लम्बे से समय पंजाब की राजनीती में शीर्ष स्थान पर जाना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने सही नहीं समझा। राजनितिक जानकारों का कहना है, विधानसभा में कांग्रेस के हार का कारण पद को लेकर खींचातानी है। सिद्धू ने चुनाव हरा इसके बाद सोनिया गाँधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा मांग लिया अब अपने पुराने केस में सजा काट रहे है। अब मुख्यमंत्री पद भी चला गया और कांग्रेस में अध्यक्ष पद से भी हाथ धोना पड़ गया।

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पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को पटियाला सेंट्रल जेल के अंदर लाइब्रेरी बैरक नंबर 10 में रखा गया है, जहां ड्रग्स और अवैध हथियारों के मामलों का एक आरोपी भी बंद है। पूर्व सिपाही इंद्रजीत सिंह (सेवा से बर्खास्त) कथित तौर पर प्रमुख ड्रग्स सांठगांठ में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहा है। इस सांठगांठ में कई हाई-प्रोफाइल अधिकारी भी शामिल हैं। कई अभी भी सेवा में हैं। सिंह को भी शुक्रवार को सिद्धू की बैरक में रखा गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया।

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बर्खास्त सीआईए इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के आवास से 2017 में एके-47 सहित अवैध हथियार और नशीला पदार्थ बरामद किया गया था। उन्हें सिद्धू के बैरक में ही रखा गया था।जेल विभाग के सूत्रों ने इस घटना की पुष्टि की है। सूत्रों ने कहा कि सिद्धू को उसी बैरक में कैदी के रूप में देखकर निचले स्तर के जेल कर्मचारी भी हैरान थे। एक सूत्र ने कहा, “पंजाब की जेलों में पहले ही हत्याएं देखी जा चुकी हैं और सिद्धू अपने ड्रग विरोधी रुख के कारण उनकी हिट लिस्ट में हैं।”

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