27 मई से पूरे देश में एक साथ रिलीज हो रही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्म्मानित फिल्म “भूलन दी मेज़ “, कई कलाकारों का रहेगा अनोखा प्रदर्शन

रायपुर। Bhulan The Maze : फिल्म उद्योग के इतिहास में पहली बार कोई छत्तीसगढ़ी फिल्म छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्यों में रिलीज की जा रही जो कि छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग के लिए गौरव की बात है। पत्रकार वार्ता में फिल्म के निर्देशक मनोज वर्मा ने बताया कि ये फिल्म प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि संजीव बक्शी के उपन्यास पर आधारित है इस फिल्म की कहानी देश में फैली न्याय व्यवस्था पर प्रश्न उठाती है। उन्होंने कहा कि “भूलन द मेज” फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आएगी और यह फिल्म छॉलीवूड के इतिहास में एक और नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी। फिल्म निर्देशक मनोज वर्मा ने बताया कि “भूलन द मेज” अपनी रिलीज के पहले ही कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित चुकी है।

READ MORE : छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘भूलन द मेज’ को मिला को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, CM बघेल और राज्यपाल ने दी बधाई

इस फिल्म को छत्तीसगढ़ के साथ साथ देश के बड़े शहरों जैसे मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, भोपाल, पुणे, बंगलुरु, नागपुर, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, कटक एवं अन्य शहरों में भी मल्टीप्लेक्स और अन्य सिनेमाघरों में रिलीज़ की जा रही है। छत्तीसगढ़ की ये पहली फिल्म जिसे भारत के अन्य हिस्सों में भी रिलीज़ किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास UFO कंपनी किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म का पेन इंडिया वितरण कर रही है।

READ MORE : नई सरकार नई पहल, छत्तीसगढ़ के 36 महिने : राज्य के फिल्म उद्योग के लिए संजीवनी साबित होगी नई ‘फिल्म पॉलिसी’

भूलन द मेज फिल्म का निर्माण स्वप्निल फिल्म प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। फिल्म के निर्माता आरती वर्मा एवं मनोज वर्मा हैं। आमिर खान निर्मित फिल्म “पीपली लाइव’ फेम ‘नत्था की भूमिका निभाने वाले ओमकार दास मानिकपुरी इस फिल्म में लीड भूमिका में हैं। हीरोइन अनिमा पगारे इस फिल्म में मुख्य नायिका है जिन्होंने के के मेनन के साथ फिल्म श्री देव की है और बहुत से सीरियलों में भी काम कर चुकी हैं। बॉलीवुड के नामचीन कलाकार मुकेश तिवारी और राजेंद्र गुप्ता जी ने अपने अभिनय से फिल्म में जान डाल दी है।

READ MORE : छत्तीसगढ़ी फिल्म भुलन द मेज को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, फिल्म के निर्माता मनोज वर्मा उपराष्ट्रपति के हाथों हुए सम्मानित

इनके आलावा छत्तीसगढ़ के ही एन. एस. डी. पास अशोक मिश्र ने इस फिल्म में अभिनय किया है जिन्होंने श्याम बेनेगल के लिए फिल्में लिखी हैं छॉलीवूड कलाकार आशीष सेंढे, पुष्पेंद्र सिंह, संजयमहानंद, सुरेशगडाले डॉ. अजय सहाय, योगेश अग्रवाल, समीर गांगुली, वाशिमोहन सिंह, अनुराधा दुबे, उषा विश्वकर्मा, राजीव श्रीवास्तव, उपासना वैष्णव, हेमलाल, सेवक यादव, अमर सिंह लहरे एवं अन्य कलाकारों ने फिल्मों में अभिनय किया है। बॉलीवुड के इन नामचीन कलाकारों के साथ छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है।

READ MORE : डरने के लिए हो जाइए तैयार, जल्द ही रीलीज़ होगी छत्तीसगढ़ी हॉरर फिल्म “नोनी”, जाने इस फिल्म की खासियत…

रायपुर के ही जयंत देशमुख जो आज मुंबई के सबसे बड़े आर्ट डायरेक्टर हैं ने इस फिल्म में आर्ट डायरेक्शन किया है और मुंबई के कलाकारों के चयन और उनके साथ संपर्क साधने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म के निर्माण नियंत्रक सुदीप नियोगी हैं। फिल्म संपादन के क्षेत्र में विभिन्न अवार्ड प्राप्त कर चुके है। संपादक तुलेन्द्र पटेल ने फिल्म को एडिट किया है और स्वप्निल डिजिटल स्टूडियो के ही प्रसिद्ध अवार्डी ऑडिओग्राफर प्रबोध रंजन साहू ने फिल्म की ऑडिओग्राफी की है और रिकॉर्डिंग के कार्य रिकार्डिस्ट एवं संपादक नूतन सिन्हा ने किया है।

सुनील सोनी इस फिल्म के संगीतकार हैं, जो छत्तीसगढ़ी सिनेमा के अब तक के सबसे सफल संगीतकार रहे है। बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर के द्वारा फिल्म का टाइटल गीत गया गया है। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि गीतों में से एक “मीर अली मीर का लिखा “नंदा जाहि का रे” इस फिल्म की जान है जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। एक गीत मनोज वर्मा व प्रवीण प्रवाह और एक सूबे सिंह चौहान के द्वारा लिखा गया है।

READ MORE : श्रीरामचरितमानस को जन जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प, मानस शक्ति केंद्र अंगारा में पदाधिकारियों का हुआ चयन, डॉक्टर भूषण लाल चंद्राकर अध्यक्ष मनोनीत

फिल्म के गानों से लेकर इसके ट्रेलर को लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिल्म का पार्श्व संगीत “सांवरिया” फेम मोटी शर्मा ने दिया है जो फिल्म को एक अलग दुनिया में ले जाता है। कोलकाता के सिनेमेटोग्राफर संदीप सेन ने अपने सधे हुए हाथों से कैमरे का अद्भुत काम किया है। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग गरियाबंद के पास महुआभाटा गाँव में हुई है और साथ ही पूरे गाँव के लोग इस फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

READ MORE : CM BHUPESH BAGHEL : झीरम श्रद्धांजलि दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा- उन सबकी‌ शहादत छत्तीसगढ़ की धरती पर कर्ज़ है

साथ ही खैरागढ़ जेल और रायपुर में कुछ दृश्यों का फिल्मांकन हुआ है। इस फिल्म के निर्देशक, पटकथा और संवाद लेखक मनोज वर्मा बताते हैं की संवाद हिंदी और छत्तीसगढ़ी में हैं और रीयलिस्टिक है, गाँव वाले छत्तीसगढ़ी बोलते हैं, शहर वाले हिंदी इस तरह ये हिंदी और छत्तीसगढ़ी मिश्रित फिल्म है। इस फिल्म के निर्देशक मनोज वर्मा को 25 अक्टूबर 2021 को भारत के उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू द्वारा बतौर निर्माता और बतौर निर्देशक 2 रजत कमल से 67 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में नवाज़ा गया है।

READ MORE : बड़ी खबर : समय से पहले दस्तक देगा मानसून, जाने कब से शुरू होगी छत्तीसगढ़ में वर्षा…

साथ ही छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव-2021 में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा फिल्म को 1 करोड़ का अनुदान देकर सम्मानित किया गया। इस पत्रकार वार्ता में निर्माता निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्म के नायक ओमकार दास मानिकपुरी, नायिका अनिमा पगारे संपादक तुलेन्द्र पटेल, एसोसिएट डायरेक्टर एन्थोनी गाडिया, वरिष्ठ कवि मीर अली मीर कलाकार शैलेन्द्र दीवान, समीर गांगुली, अनुराधा दुबे, एवं सभी मुख्य कलाकार उपस्थित रहे।

Leave a Comment